द्वारका के अश्मित बने जेईई मेन्स (JEE Mains) के दिल्ली टॉपर

अश्मित बताते हैं कि पढ़ाई में नियमितता सबसे बड़ी जरूरी चीज है। यदि आप एक दिन 12 घंटे पढ़ लें और अगले दिन नहीं पढ़ें तो कोई फायदा नहीं।

Dwarka: द्वारका सेक्टर पांच स्थित हिंद अपार्टमेंट में रहने वाले अश्मित नांगिया (Ashmit Nangia) सोमवार को अचानक सुर्खियों में आ गए। जैसे ही इनके पड़ोसियों को पता चला कि अश्मित ने जेईई मेन्स (JEE Mains) की परीक्षा में दिल्ली में नंबर वन स्थान प्राप्त किया है, लोग इन्हें बधाई देने पहुंचने लगे। अश्मित का कहना है कि जेईई मेन्स की परीक्षा में भले ही उन्होंने दिल्ली में टॉप किया हो लेकिन वे अभी इतने भर से संतुष्ट नहीं है। अब वे जेईई एडवांस परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। अश्मित की मां अमन अरोड़ा नांगिया द्वारका स्थित सचदेवा ग्लोबल स्कूल में टीचर हैं। इनके पिता नितिन नांगिया एक निजी कंपनी में वरिष्ठ अधिकारी हैं।

मैथ्स, फिजिक्स में पूरे सौ

देश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के इच्छुक छात्रों को सर्वश्रेष्ठ संस्थान मिले, इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जेईई की परीक्षा आयोजित करती है। इसके दो चरण होते हैं जेईई मेन्स व जेईई एडवांस। मेन्स में पास करने के बाद ही आप एडवांस में बैठ सकते हैं। हालांकि मेन्स में जो अच्छे अंक लाते हैं, उनके सामने आईआईटी को छोड़कर देश के अन्य सभी इंजीनियरिंग संस्थानों में एडमिशन का विकल्प होता है। मेन्स में अश्मित ने फिजिक्स में सौ, मैथ्स में सौ व कैमेस्ट्री में 99.94 स्कोर प्राप्त किया। इतने अंकों के आधार पर दिल्ली की बात करें तो इनका एडमिशन एनएसयूटी द्वारका, डीटीयू दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में स्थित क्षेत्रीय आईटी संस्थानों में आसानी से हो सकता है।

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आईआईटी दिल्ली या मुंबई है लक्ष्य

अश्मित बताते हैं कि उनका लक्ष्य आईआईटी में दाखिला लेना है। इसके लिए उन्हें अब एडवांस में बेहतर अंक लाना है। एडवांस में बेहतर अंक आए, इसके लिए वे पूरी तैयारी में जुटे हैं।

सात से आठ घंटे पढ़ाई

अश्मित बताते हैं कि पढ़ाई में नियमितता सबसे बड़ी जरूरी चीज है। यदि आप एक दिन 12 घंटे पढ़ लें और अगले दिन नहीं पढ़ें तो कोई फायदा नहीं। छह से सात घंटे की पढ़ाई काफी है, लेकिन इसमें निरंतरता बनी रहे। इसके अलावा जरूरी है कि सिलेबस का प्रत्येक टॉपिक पढ़ा जाए। किसी को कम या ज्यादा महत्व नहीं देना है, सभी को समान महत्व दें।

पढ़ाई के साथ हॉबीज की ओर भी दें ध्यान

केवल पढ़ाई पढ़ाई करने से विद्यार्थी उबने लगता है। ऐसा न हो इसके लिए जरूरी है कि हम रोजाना अपनी हॉबीज के लिए कुछ घंटे का समय निकालें। इससे ताजगी आती है। जोश आता है। यह ताजगी व जोश आपको मन से पढ़ाई करने में बहुत फायदा पहुंचाता है।